Thursday, 21 September 2017

रिश्ते....

हम जानते है की हम पासमे बैठे लोगों से बात नही करते और हमसे सैकड़ो माइल दूर रहने वाले लोगो से हम बाते करते है,उनकी सेहद के हालचाल पूछ ते है।ऐसा क्यों?
रिस्ते होना और उसे निभाना दोनोमे फर्क है।कई लोग दुनियामे है जो रिस्ता बनातो लेते है लेकिन उसे निभाते नही।जैसे हमे पौधा लागतो देते है लेकिन उसे वक्त पर पानी, खाद,और जरूरी सूरज की रोशनी न मिले तो वो पौधा धीरे धीरे सुख जाता है।ठीक वेशे ही रिस्ते को भी अगर प्यार,एकदूसरे की परवाह,एक दूसरे को अपना वक्त देना ऐसी कई सारी चीजें रिस्ते निभाने को जरूरी है।
हमने देखा है कि लोग अपने सगे भाई से ज्यादा अपने मित्र से बाते करते है।भाई से जल्दी दोस्त मदद करने के लिए आ जाते है।
रिश्ते जो जन्म से हो वो बडे हो ऐसा जरूरी नही,लेकिन रिश्ते वो बड़े है जो दिल से निभाया जाए।
#रिश्ते

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