आप ने सुना होगा की"मनुष्य तू बड़ा महान है.." अरे मनुष्य ऐसेही महान नही बनता।उसके लिए उसे जी जान लगाकर पूरी महेनत ,लगन और आत्म विश्वास के साथ काम करना पड़ता है तब जाके मनुष्य को सफलता मिलती है।
कहि जगह हमने देखा की बड़ी औरत खाना पकाये उससे अच्छा खाना छोटी बच्ची पका लेती है।कई बार बड़े बनाते हो इससे अच्छी चाय छोटा बच्चा बना लेता है।ऐसा क्यों और कैसे होता है?
आप शहरमे देखो,12th में पढ़ती लड़कियों को भी खाना पकाना नही आता और गावकी लड़कियां 7th में पढ़ती हो फिर भी पूरे घरके सदस्य का खाना पका लेती है।ऐसा क्यों...?
आप पोस्टर में देख रहे हो की एक छोटासा लड़का अपनी छोटी बहन के बाल बना रहा है।अरे हम सबके यहां तो लड़के के बाल भी उसके माँ या पिताजी बनाते है।ऐसा क्यों....?
इसका मतलब ये की परिस्थितिया बच्चो को भी बड़ा बना देती है।अगर आपके उपर छोटी सी उम्र से कोई responsibility आ जाये ना तो आप ठोकर खाते खाते बड़े हो जाते है।समय और परिस्थिति आपको बदल देते है।
परिस्थितिया कभी समस्या नही होती,वो समस्या तब बनती है जब हमें उसका सामना करना नही आता।नदीमे डूबने से किसीकी मृत्यु नही होत,लेकिन उसकी मृत्यु इस लिए होती है की उसको नदीमे तैरना नही आता।
#responsibility

સાચી વાત .
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