Tuesday, 21 March 2017

पजल्स ही क्यों?

पजल्स सॉल्व करना तुम बच्चों को बहुत पसंद होता है न। तुम्हें तो बस बहाना चाहिए इन्हें खेलने का। किसी पजल को सॉल्व करने के लिए तो दोस्तों से शर्त भी लग जाती होगी। लेकिन क्या तुम्हें पता है कि क्विज और पजल्स का जन्म कब हुआ? नहीं पता, कोई बात नहीं। आज अनुराधा गोयल तुम्हें बता रही हैं कि ये कहां से शुरू हुईं और कैसे पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गईं
क्विज और पजल्स की दुनिया को जानने से पहले इन दोनों के बीच के फर्क को समझ लेते हैं। क्विज में तुमसे कुछ सवाल पूछे जाते हैं, जिनका जवाब देना होता है। अगर सही जवाब दे दिया तो इसका मतलब होता है कि तुम इंटेलिजेंट हो और पजल एक तरह का गेम होता है, जिसमें पहेली छिपी होती है।
 
ऐसा माना जाता है कि 1784 में सबसे पहले क्विज शब्द का प्रयोग किया गया। तब इसका अर्थ, ‘ऑड पर्सन’ यानी अजीब सा व्यक्ति हुआ करता था। क्विज वर्ड के ओरिजन का कोई साफ प्रमाण नहीं मिलता। फिर भी माना जाता है कि 1847 में पहली बार प्रश्न-उत्तर या पूछताछ के लिए इस वर्ड का प्रयोग किया गया था।
 
क्विज शब्द, लैटिन शब्द क्यू और इज से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है, आप कौन हैं? कुछ अमेरिकी लोग यह भी मानते हैं कि यह शब्द अंग्रेजी के क्यूसैट से बना है, जिसका अर्थ है सवाल। इसी तरह पजल्स के बारे में ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी (1989 एडीशन) बताती है कि 16वीं शताब्दी के अंत में यह शब्द लोग प्रयोग करने लगे थे। फिर भी क्विज और पजल्स अपने सही रूप में 1940 के आसपास दिखाई दीं, जब शिकागो में एनबीसी चैनल पर पहला क्विज शो दिखाया गया। इसे लोगों ने बहुत पसंद किया। धीरे-धीरे इस तरह के शोज पूरी दुनिया में होने लगे। क्विज और पजल्स की लोकप्रियता को देखते हुए खिलौनों और पत्र-पत्रिकाओं में इन्हें स्पेस मिलने लगा। ये तो हुई क्विज और पजल्स की शुरुआत की कहानी, अब तुम्हें बताते हैं, इनके क्या फायदे हैं-

क्विज के हैं कई फायदे

ये तुम्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
तुम्हें सबके सामने आत्मविश्वास से जवाब देना सिखाते हैं।
तुम्हें दुनिया के प्रति  पजल्स के द्वारा हम जागरूक बनाते हैं।
क्विज के जरिये चीजों को सीखना काफी मनोरंजनपूर्ण होता है।

पजल्स बना देंगी इंटेलिजेंट

ज्यादा टार देखा गया हैं की माता पिता बच्चो को इंटेलिजट बना ने के लिए सब कुछ करतें हैं! इसी लिए हमने भी यहाँ ऐसा प्रयातंक किया हैं! समजे...

मम्मी तुम्हें अच्छा-अच्छा खाना देती हैं, जिससे तुम हेल्दी रहो। इसी तरह पजल्स तुम्हें मेंटल फूड देती हैं, ताकि तुम्हारा ब्रेन मजबूत और तेज बन जाए। समस्याओं का हल करना और सोचना सिखाती हैं पजल्स। चाहे कितनी भी आसान पजल हो, लेकिन इससे तुम तुरंत सोचना शुरू कर देते हो और तुरंत इसके हल पर पहुंचना चाहते हो।  पजल्स से आकार, रंगों के साथ-साथ यह भी समझते हो कि कोई छोटी यूनिट किस तरह बनती है। इनके जरिये अल्फाबेट्स, एनिमल्स, गणित और तमाम दूसरी चीजें सीखी जा सकती हैं।

ये मेंटल एक्सरसाइज होती है, जो तुम्हारा दिमाग शार्प बनाती है। इस तरह तुम खेल-खेल में कब इतने फायदे पा लेते हो, तुम्हें पता ही नहीं चलता। हम भी एइसा प्रयत्न करते हैं की हर तरह की पजल्स आप तक पहुंचे!

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