Tuesday, 2 January 2018

पोषी पूनम

आज पोषी पूनम ,जगत जननी आद्य शक्ति माँ अंबे का प्रागट्य दिन।मां अम्बे के आशीष हमेशा हम सब पर बरसते रहे और महेनत करनेकी शक्ति दे।
यह 51 शक्तिपीठों में से एक है जहां मां सती का हृदय गिरा था। अम्बाजी मन्दिर में कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है, केवल पवित्र श्रीयंत्र की पूजा मुख्य आराध्य रूप में की जाती है। इस यंत्र को कोई भी सीधे आंखों से देख नहीं सकता एवं इसकी फ़ोटोग्राफ़ी का भी निषेध है। मां अम्बाजी की मूल पीठस्थल कस्बे में गब्बर पर्वत के शिखर पर है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां तीर्थयात्रा करने वर्ष पर्यन्त आते रहते हैं।
 माना जाता है कि ये मन्दिर लगभग बारह सौ वर्ष से अधिक प्राचीन है। इस मंदिर का शिखर 103 फ़ीट ऊंचा है और इस पर 358 स्वर्ण कलश स्थापित हैं।मां अम्बाजी की मूल
पीठस्थल कस्बे में गब्बर पर्वत के शिखर पर है।
माताजी आपकी सभी मनोकामना पूर्ण करे।





जय अम्बे....जय अम्बे
#छोटी बातें
#Chhoti bate
#છોટી બાતેં

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