Saturday, 16 December 2017

चश्मे...

आज कल जरूरत मानवी के व्यवहार को बदल देती है।अगर सामने वाले को आपसे कोई  स्वार्थ रहेगा तब तक वो आपसे बात करेगा, अगर स्वार्थ खत्म तो वोही व्यक्ति आपसे पीछा छुड़ानेकी कोशिश करेगा।
दुनिया मे भी लोग व्यक्ति यानी मानव को भी एक वस्तु की तरह देखते है,काम पूरा बात पूरी।लेकिन वो ये भूल जाता है कि आज मेरा समय है कल उसका भी होगा।जरूरत के मुताबित अपनी वस्तुए बदले लेकिन अपने लोग नही।
आज पोस्टर में दिखाई देता है की अगर क्लास में नींद आती है तो ऐसे चश्मे पहेन लिया है कि हमे लगे आँखे खुली है।ये तो स्टूडेंट लाइफ की बात है लेकिन जिंदगी में भी कई लोग ऐसे चश्मे पहेन के खड़े है की उनको हमारी परवाह है लेकिन वास्तव में वो लोग चश्मे के अंदर आंखे बंद करके कहि और खोये होते है।
सावधान
#छोटी बातें
#chhoti baate

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