बनासकांठा, वैविद्य से भरा हुआ हमारा जिल्ला है,उसके पास समुन्द्र के अलावा सब भौगोलिक विभिनताए हैउसी तरह बनासकांठा में शिक्षण व्यवस्था में एक नया प्रोजेक्ट कार्यरत है जिसे 'अनुपम शाळा ' के नाम से जाना जाता है।ये नवतर अभिगम जिल्ला शिक्षण और तालीम भवन पालनपुर ,बनासकांठा के द्वारा कार्यरत है।शाळा के विकास और विद्यार्थि
जीवन मूल्यों को जाने और समजे इसके लिए ये अभिगम आज भी नवतर काम के साथ आगे बढ़ रहा है।
'अनुपम शाळा' अभिगम के लिए मुजे एक गीत लिखने की तक प्राप्त हुई जो अनुपम शाळा की ओळख,कार्य प्रक्रिया और अभिगम की समझ के लिए है।।मेरा लिखा हुआ अनुपम शाळा गीत,जिल्ला शिक्षण और तालीम भवन बनासकांठा के प्राचार्य डॉ. जी.एन. चौधरी साहब के द्वारा स्वीकृत किया गया।इसके लिए में डॉ. जी.एन. चौधरी सर की आभारी हूं।
जिल्ला शिक्षण और तालीम भवन पालनपुर के द्वारा बनासनाद सामयिक प्रकाशित होता है।जिसमे शिक्षकों और विद्यार्थियो के द्वारा की गई प्रवृतियां,स्कूलमे की गई प्रवृतियों के बारेमे और जिले में हुए नवतर काम का जिक्र किया जाता है।इसबार वर्ष 2016-17 अंक अनुपम शाळा प्रोजेक्ट विशेषांक है।इसमें पाना नं-3 पर अनुपम गीत आप देख सकते है ।जो ऊपर वाले पोस्टर में भी दिखाई पड़ता है।
में मेरे मित्र ,परिवार और मेरे गुरुजी की आभारी हूं और उनसे प्राथना करती हूं की उनका सहयोग मुजे मिलता रहे।
#आभार
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