Wednesday, 8 November 2017

एक कदम

आज शिक्षामे नवाचार हो रहे है।शिक्षक और विद्यार्थी दोनों नए काम के साथ जुड़ रहे है।नई सोचको अपना रहे हैं।शिक्षक और विद्यार्थी दोनों जुड़के संशोधन और  नवाचार कर रहे है।इस लिए शिक्षक को व्यावसायिक रूप से सज्ज बनना आवश्यक हैं।

शिक्षक सज्जता के लिए स्कूल के शिक्षक मित्रो,आचार्य और ट्रस्टी ओर कुछ शहरों में वाली भी शिक्षा के साथ इनोवेशन की और एक कदम बढ़ा रहे है।

नार्थ गुजरात के डीसा शहर में एक प्रतिश्ठित शिक्षा संकुल जैसे के.बी.अग्रवाल ओर सरदार पटेल संकुल के अध्यापको की ट्रेनिग का आयोजन हुआ। हरिओम संकुल के नियामक ओर सरदार पटेल स्कूल के  निष्ठावान पूर्व शिक्षक श्री नटूभाई व्यास और सरदार पटेल स्कूलके मैनेजमेंट ट्रस्टी के सयुंक्त उपक्रम से आज150 शिक्षकों के लिए शिक्षक सजता तालीम का सुंदर आयोजन संपन हुआ।दो दिनों तक चलने वाली ये ज्ञान शिबिर में मुजे उपस्थित रहनेका निमंत्रण प्राप्त हुआ। मुजे गणित शिक्षा में पज़ल्स के उपयोजन के बारे में बतानाथा।गणित शिक्षामें इनोवेशन के बारे में मुजे चर्चा करनी थी।वहां उपस्थित सभी शिक्षक मित्रो को  गणित विषय को कहानी,गीत या प्रवृत्ति के माध्यम से विद्यार्थी तक पहुंचाने के सहज रास्तोका परिचय देनेका मौका मिला।

मेरी स्कूल में पज़ल्स की शुरुआत क्यो करनी पड़ी..!शुरुआत कैसे हई और वर्तमान में क्या स्थिति हैं उसके बारेमें जानकारी शेर करने का मौका मिला। गणित शिखने से पहले उसे रोचक बनाने के तरीकों के बारे में चर्चा हुई।बच्चोंको गणित विषय को कैसे शिखाया जाय उसके बारेमें चर्चा हुई।

जब मेने ये काम करना शुरू कियाथा तब ओर आज को हर देखा जाय तो मैने बच्चों के साथ काम करके बहोत सीखा हैं,ओर आज भी सिखानेका नम्र प्रयास करती हूं।और में मेरा प्रयास जारी रखूंगी।

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