Sunday, 5 November 2017

समयचक्र

समय समय की बात है।समय राजा को रंक और रंक को भी राजा बना देता है।टिकता वोही है जो विश्वाश के साथ समय पर चलता है।
हमारे घर मे पानी जब ज्यादा आता है तब हम पानी की बूंद को समझ नही सकते।लेकिन अगर आप रण में जा रहे हो और आपके पास बोटल में थोड़ी बून्द ही पानी बचा है तो वो पानी की बूंद आपको आपकी जिंदगी देती है उसकी कीमत आप लगा नही सकते।उस छोटी सी पानी की बूंद आपको जीवनदान देती है उसी समय आप कितनी भी अमीर हो लेकिन वो अमीरी उस जगह काम नही आती।पानी वही है लेकिन समय अलग है।
जैसे पोस्टर में दिखाया है कि स्कूल में दो बार बैल बजता है,जब स्कूल शुरू होती है तब बैल की आवाज और स्कूल खत्म होती है तबकी बैल की आवाज दोनों एक ही है ,लेकिन स्कूल छूटने के समय पर बजी बैल की आवाज हमे ज्यादा खुशी देती है।
यानी बैल एक ही है,आवाज भी एक है लेकिन दोनों का समय अलग है।वेसिहि हमारे जीवन में हमेशा स्त्री ये अपने पति से कहती है की आप जब हमारी सगाई हुई तब मुजे ज्यादा प्यार करते थे लेकिन जब हमारी शादी हो गई तब से आप मुजे ज्यादा प्यार नही करते आप मुजे इतना याद नही करते जितना पहले याद करते थे।
लेकिन प्यार तो वही रहता है लेकिन समय बदल गया है।
समय आज आपके हाथ मे है तो वो समय को महत्व दो और अगर समय आपके साथ नही है तो उसके लिए विश्वाश  के साथ महेनत कीजिए।आज रात है तो कल सुबह जरूरी होगी,आज गर्मी है तो कल ठंड जरूर आएगी।आज अमास है तो पूनम जरूर आएगी।

समय को महत्व दो और विश्वाश के साथ महेनत करो।

#समय

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