दुनिया मे एक ही भगवान ऐसे है जिनका मंदिर साल में एक ही बार खुलता है।वो है भगवान कार्तिक स्वामी।हा उनके दर्शन आप साल में एकही बार कर शकते है।कार्तिक जी का मंदिर दुनिया मे बहोतही कम जगह पाया जाता है।हम भाग्यशाली है की हमारे गुजरात मे हमारे सिध्दपुर शहर में कार्तिक जी का मंदिर है।ये पावन तीर्थ मातृगया के नाम से भी जाना जाता है।
आज कार्तिकी पूर्णिमा है।इसे दिन को देवदिवाली भी कहा जाता है।इस दिन कार्तिकेय के दर्शन का खूब महत्व बताया गया है।कार्तिक के महत्व के पीछे एक कथा बताई गई है जो इस प्रकार है।
भगवान शंकर और पार्वती माताके दो पुत्र गणेश और कार्तिक ।भगवान शिव के आदेश से दोनों भाइयो को पृथ्वी की परिक्रमा के लिए जाना था।गणेशजीका शरीर बहोतही भारी था और उनका वाहन भी चूहा था।जबकी कार्तिके का शरीर हल्का और उनका वाहन मोर था।इसलिए कार्तिके अपने मोर पर सवार होकर परिक्रमा केलिए निकल गए।जबकी गणेश जी ने पृथ्वी की परिक्रमा के बजाए अपने माता-पिता यानी शंकर पार्वतीजी की परिक्रमा करना शुरू किया।
इसे देख माता पिता खुश हुए और गणेशजी को बुद्धिमान मान लिया गया।और बड़ा मानकर उनकी शादी करवाई गई।जब बाद में कार्तिके परिक्रमा करके लोटे तो ये सब देखकर क्रोधित हो गए।वो तपस्या करने के लिए चले गए।माता पार्वती और शंकर भगवान कार्तिके को मनाने गए तो कार्तिके ने श्राप दिया की अगर स्त्री दर्शन करेगी तो सात जन्म तक विधवा रहेगी और पुरुष दर्शन करेंगे तो सात जन्म तक नरक भोगेंगे।
माता पार्वती ने साल में एक बार आपके दर्शन मिले ऐसी प्राथना की तब कार्तिके ने कहा कि कार्तिक पुर्णीमा के दिन मेरे दर्शन होंगे।जो मेरे दर्शन करेगा उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होगी।इसलिए सालमे एक बार ही कार्तिक का मंदिर कार्तिक पूर्णिमा के दिन खुलता है।
उत्तर गुजरात में सिध्दपुर शहर में कार्तिक स्वामी का मंदिर है जो पोस्टर में दिखाया गया है।आइए सालमे एक बार कार्तिक स्वामी के दर्शन कीजिए।

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