कल खिली हुई नन्नी सी कली,जो पूरे घर मे छमछम करते हुए पूरे घर को खुश करती।सबको उस कली की चिंता और कली को तो घर के सभी सदस्यों की परवाह।हा सबकी प्यारी ,पापा की दुलारी,हा बेटी.....
आज वो बेटी बड़ी हो गई,आज उसकी शादी।शादी की सभी रश्में खत्म करके अब बेटी की बिदाई।पिता ने अपने बेटी को आशीर्वाद देके बिदा की,अरे उसके ससुराल वालों से माफी भी मांग ली की आपकी सेवा में कोई कमी आई होतो मुजे माफ कर देना,मेरी बेटी,मेरे जीव को संभालना।यहां तक तो पिता को हिम्मत थी।अब बेटी ससुराल चली गई,सभी रिश्तेदार अपने अपने घर चले गए,पंडाल भी निकालने लगे,सभी बरतनो की गिनती हुई वो भी सही गिनती होके रसोई वाला ले गया।सभी चीज वस्तुए अपनी जगह पर रख दी गई।
तभी पिता के खास दोस्त ने कहा कुछ कम तो नही है ना,सब कुछ ठीक हेना तभी पिता की आंखों में आंसू आते है और वो कहते है की सब कुछ गिनती के मुताबित है लेकिन बस एक कमी है वो है मेरी बेटी.... की।ये बोलते बोलते तो पिता की आवाज निकलनी भी बंध हो गई,उनकी हिम्मत चली गई,अब जैसे उनकी सासों को किसीने चुरा लिया हो ऐसी स्थिति थी।
इतना प्यार बेटी को उसके पापा के अलावा दूसरा कोई नही दे सकता।इस प्यार में कोई शर्त नही होती,इस प्यार में कभी जुठ नही होता,इस प्यार में बनावटी देखाव भी नही होता।इसमें आज प्यार है कल नही है ऐसा नही होता।प्यार प्यार हे इसके लिए कोई पुरावा नही है बस विश्वास ही उसकी नीव है। बेटी का सच्चा प्यार , उसके पिता का।अरे पिता का महत्व और बेटी के जीवन मे पिता का स्थान उनसे जाके पूछो जिसके पिता इस दुनिया मे नही होते...
Miss u papa
#papa

Best one
ReplyDeleteNice..💐
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