Wednesday, 15 November 2017

गिजुभाई बधेका

कहते है दुनिया को आपसे नही आपके काम से मतलब है।दुनियामे आप नही ,आपके कर्म आपकी पहचान बनाते है।
'मुछाळी मा' के नाम से पहचान बनाने वाले गिजुभाई बधेका का आज जन्म दिन।15 नवम्बर,आज गिजुभाई का जन्मदिन।उनका जन्म गुजरातके अमरेली जिल्ले में हुआ था।
गिजुभाई का पूरा नाम गिरजाशंकर भगवानजी बधेका।वे गुजराती भाषा के लेखक और महान शिक्षाशास्त्री थे।
उनके अनुभवों के आधार पर श्री गिजुभाई ने निश्चय किया था की देश के सभी बच्चो का विकास और देश के उत्तम नागरिक बने।इस हेतु को सार्थक करने हेतु उन्होंने कहि सारी बालोपयोगी कहानियां लिखी।गिजुभाई की लिखी अनेक पुस्तकें प्रकाशित है जिसमे दिवास्वप्न बहोतही प्रशिद्ध किताब है।उनकी इस पुस्तक को प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले प्रयोगों का एक महत्वपूर्ण संकलन माना जाता है। दिवास्वपन ने बहुत से शिक्षकों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को काफ़ी प्रेरित किया है।
मैं खेलूँ कहाँ?
मैं कूदूँ कहाँ ?
मैं गाऊँ कहाँ?
मैं किसके साथ बात करूँ?
बोलता हूँ तो माँ को बुरा लगता है।
खेलता हूँ तो पिता खीजते हैं।
कूदता हूँ, तो बैठ जाने को कहते हैं।
गाता हूँ, तो चुप रहने को कहते हैं।
अब आप ही कहिए कि मैं कहाँ जाऊँ? क्‍या करूँ?
इन सवालों से जीवन भर जूझने वाले गिजुभाई बधेका को प्रणाम।



#गिजुभाई बधेका


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