प्रकाश ही ऐशी चीज है जो अंधेरेको मिटा सकती है वैसे ही महेनत ही हमको सफलता दिलवा सकती है।किसीके कामकी बुराई करना बहुत आसान हे लेकिन वो काम खुद करना बहुतही मुश्किल होता है।अगर कोई आगे बढ़ता है तो उसकी मदद नही कर सकते तो उसकी बुराई भी नही करनी चाहिए।
एक नगरमे एक मशहूर चित्रकार रहता था।उसने एक दिन एक तस्वीर बनाई।इस तस्वीरको चोराएपे रख दिया।उस तस्वीर के नीचे चित्रकार ने लिखा था कि इस चित्र में आपको जो भी कमी नजर आए वहां आप निशान लगा दो।
जब शामको आके चित्रकारने देखा तो उसकी पूरी तस्वीर निशानोसे भर चुकी थी।ये देखके वोह बहोतही दुखी हो गया।वो उदास हो के बैठा था तभी उसका एक मित्र उसको मिलने आया।चित्रकारने अपनी व्यथा उस मित्रको बताई।मित्र ने उसको सुजाव दिया की तुम दूसरी तस्वीर बनाओ और उसके नीचे लिखो की इस चित्रमे जिस किसीको कमी नजर आये उसे सही कर दो।
चित्रकारने उसके मित्र ने जो बताया था उसी तरह नई तस्वीर बनाके चोराये पे रख दि।और तस्वीर के नीचे लिखा की इस तस्वीरमे जई किसीको कमी नजर आए उसे सुधार दे।शाम को उसने देखा तो उसकी तस्वीर वेसेकी वेसिहि थी।उस में कोई सुधार नही था।
वो दुनिया की रितको समझ गया कि कमी निकालना,निंदा करना,बुराई करना आसान है पर उस कमिको दूर करना अत्यंत कठिन। This is life......
जब दुनिया कहती है कि हार मानलो तब आशा धीरेसे कान में कहती है कि एक बार फिर प्रयाश करो।

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