में कहानी कहने वाली थी!मेने पसंदगी के लिए जो कहानी कही थी,उसे बदलना था!मेने घर पे आके और बच्चो के साथ रिहर्सल में दला तरवाडी वाली कहानी की तैयारी की थी !
में रेकोर्डिंग के लिए पहुंची!वहा जाके मुझे अवगत किया गया की मेरी कहानी बदलनी पड़ेगी!मेने दूसरी कहानी के बारेमे सोचना शुरू किया!मेने बंदर और बिल्ली की कहानी कही!
मेरे लिए कहानी का रिकोर्डिग और एक टीम से कहानी पसंद करने का ऐ मेरा पहेला मौक़ा था!मुझे स्टूडियो में मार्गदर्शन मिला!मेरी कहानी रिकोर्ड हुई!मुझे और भी कहानियों के लिए अब महेनत करनी होगी!में इस के लिए डॉ.टी.एस.जोशी सर,श्रीमती कोमल व्यास,श्री सोनल चौहान,श्रीमति रचना पाठक,श्री याह्या सपाट वाला और डॉ.भावेश पंड्या को याद करते हुए इस काम में सहयोगी सभीका आभार व्यक्त करती हूँ!

Well done
ReplyDeleteWah Lali ben
ReplyDeleteThanks
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