गणित...
जीवन में गणित...
व्यवहार में गणित...
विचार अभिव्यक्ति में गणित....
क्या गणित शिखने शिखाने के लिए विशेष स्थान या सामग्री की आवश्यकता नहीं हैं!मेरा मानना हैं की किसीभी सामग्री के बगैर भी हम गणित को सिखा सकते हैं!अरे!कहें की गणित का परिचय दे सकते हैं!
जब बच्चा छोटा होता हैं!तबसे वो ज्यादा और कम के बारेमे जानना शुरू करता हैं!चोकलेट ज्यादा होगी उसे ही बच्चा लेगा!भले ही उसे इसके मूल में छिपी संख्या के बारेमें मालूम न हो!तो फिर ऐसा क्यों होता हैं की जब उसे दो संख्या के बारेमे बड़ी या छोटी संख्या के बारे में पूछा जाता हैं तब वो जवाब नहीं दे पता!क्या सिर्फ जवाब देनेसे ही वो सही या गलत समजता हैं!
में यहाँ प्रयत्न करुँगी की गणित को सरल स्वरूपमे रखने के कई नए तरीके यहाँ रखु!आशा रखती हूँ की आप भी मुझे सहयोग करेंगे!गणित से जुडी कोई भी बात हो तो आप मुझे अवगत करें!जिससे की हम उसे यहाँ सब के लिए शेर कर पाए!
neepaarpitbhatt@gmail.com

Good
ReplyDeleteThanks
DeleteVery good ..
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