भारतीय प्रबंधन संस्थान,अमदावाद!समग्र विश्वमे अनोखी पहचान हैं!मुझे उसके साथ जुड्नेका मौका मिला हैं!अध्यापन और अध्ययन के लिए अगर नवाचार को कोई पहचानता हैं तो वो भारतीय प्रबंधन संस्थान,अमदावाद!प्रोफ़ेसर विजया शेरिचंद 1993 से उसके पीछे काम कर रहे हैं!एज्युकेशन इनोवेशन बेंक जो आज प्रारंभिक और प्राथमिक शिक्षा के लिए काम कर रही हैं!www.inshodh.org के ऊपर आप ऐ सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं!
15 अक्तूबर...डॉ.अब्दुल कलाम सर का जन्म दिवस हैं!इस के उपलक्ष में आई.आई.एम अमदावाद में नए विचारो के साथ जानेका मुझे मौका मिला!पध्म श्री पुरस्कार से सन्मानित डॉ.अनिल गुप्ता सर के साथ वहा काम करके मैंने बहोत कुछ सिखा हैं!मुझे ख़ुशी हैं की वहा मेरे विचारो को प्रस्तुत करनेका मुझे मोका मिला!२०१६ में केलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के फेलो और आई.आई.एम अमदावाद के प्रोफ़ेसर अनिल गुप्ता सर ने मेरे काम को सराहा!मुझे उस दिन से समाजो की मेरे काम को और बढ़ावा देनेका अवसर प्राप्त हुआ!काम करे और योग्य स्वरूप में उसका सन्मान हो!बड़ा गौरव महेसुस होता हैं!मगर मेरे काम में जो मेरे बच्चे कुछ कर रहे हैं और ऐसे बच्चो के सहयोग ओर कार्य से मुझे ये सन्मान मिला हैं!आई.आई.एम जैसी वैश्विक संस्थान के माध्यमसे मेरे काम को नवाचार के तोरपे देखा गया उसका मुझे विनम्र रूप से गौरव हैं!
15.11.2016

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