Tuesday, 13 March 2018

No smoking day

 शिक्षक ही विधार्थीओ के लिए आदर्शरूप होता है।शिक्षक का आचार विचारों की असर बच्चो पर ज्यादा पड़ती है। अगर शिक्षक अच्छे संस्कारो का सिंचन करे तो हमारी युवा पीढिको हम धूम्रपान से बचा सकते है।
आज ये बात करनी जरूरी है क्योकी आज का दिन no smoking day  है। आजका दिन इस लिए सेलिब्रेट करना है की हम हमारे स्कूलके बच्चों को धूम्रपान से होते नुक्सानके बारमें बता सके और उनको धूम्रपान नही करनेकी शिख दे सके।
हम  आज के दौर में धूम्रपान एक बहुत बड़ी समस्या है । शुरू में आदमी धूम्रपान उस्तुकता वश करता है पर बाद में यह आदत में बदल जाता है । धूम्रपान से बहुत सी बीमारियां होती हैं ।

ग्रंथों में मादक पदार्थों के सेवन को बुरा माना गया है । धूम्रपान एक धीमा जहर है जो पहले पता नही चलता । यह शरीर को धीरे धीरे खोखला करता है । सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव फेफड़ों पर पड़ता है । जिसके कारण मनुष्य जल्दी मर जाता है । धूम्रपान कैंसर और क्षय जैसे रोग पैदा करता है । धूम्रपान करने वाले को भूख ठीक तरह से नहीं लगती । मुंह का स्वाद भी खराब हो जाता है ।
स्त्रियों के लिए धूम्रपान और भी घातक है जो । कुछ लोग समझते हैं कि धूम्रपान करने से मन और दिमाग को शांति मिलती है । वह यह सोचता है कि इसके पयोग से वह एकाग्र मन से काम कर सकता है । वास्तव में ये धारणा बहुत गलत है । वास्तव में धूम्रपान दिमाग को कुंठित कर देता है । धूम्रपान की डिबिया पर भी लिखा होता है कि ‘धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक होता है’, फिर भी लोग ये विष पीते हैं ।
आज की युवा पीढ़ी धूम्रपान की लत में बहुत बुरी तरह जकड़ी हुई है । आज टीवी पर धूम्रपान से होने वाले नुकसान दिखाए जाते हैं, फिर भी लोग इससे सबक नहीं लेते । आज लोगों को चाहिए कि वो इस बुरी लत को छोड़कर अपनी जिंदगी को खुशहाल बनायें |
चलो आज संकल्प करें हमारे आसपास हो रहे धूम्रपान से सबको बचाए।
मुजे गर्व है हमारे घरमे तीन पीढ़ी से कोई धूम्रपान नही करता।

#छोटी बातें
#chhoti baate
#છોટી બાતેં

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