शिव का नाम लेती ही सब पाप धूल जाते है।जिंदगी में बहोत सारे पाप हमने किये होते है जो मात्र हमे ही मालूम होते है,इस पाप को धुलने के लिए आज विशेष दिन है जिसे शिवरात्रि कहा जाता है।आज भोलेनाथ की पूजा का दिन है।हर महीने शिवरात्रि आती है लेकिन इस महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है,इस दिन के साथ बहोत ही पौराणिक कहानी जुड़ी हुई है।लेकिन शिवरात्रि का सामान्य अर्थ निकाला जाए तो जीवन मे भी रात्री की तरह अंधकार है,हमे खुद हमारे अंदर उजाश यानी प्रकाश लाना है जिससे हम दुनिया मे प्रकाश फैला सके।
शिवने अपने प्राणों की बलि देकर भी जीवों की रक्षा करना, सदा उनके हित चिंतन में संलग्न रहना- इससे बड़ी नीति और क्या हो सकती है। कृपालु शिव ने यह सब कर दिखाया। 'मेरी प्रजाओं का हित हो इसलिए मैं इस विष को पी जाता हूं।' ऐसा कह वे हलाहल पी गए और नीलकंठ कहलाए। तीनों लोकों की रक्षा हो गई।
Happy shivratri
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