आप जब भी देखो सब के हाथ मे मोबाइल।कोई गेम खेलता है,कोई लेख लिखता है,कोई वाट्सअप में,कोई फेसबुक,कोई ट्वीटर......।अरे पूरे दिन मोबाइल में online रहने का मानो की नशा बन गया है।अगर हमारे मोबाइल में नेट नही आता तो जैसे महीनों से खाना नही मिला और हमे भूख लगी है वैसी इंतजारी।सब काम छोड़कर बस मोबाइल पर डेटा कनेक्शन on करके ऑनलाइन।अरे आराम करने के लिए सोते सोते भी मोबाइल...सायद हमे कोई श्राप तो नही मिला है?
आप पोस्टर में दिख रहे हो की जब मछली पकड़ने वाली जाल (नेट )बनाई गई तब मछलियो ने इंसान को श्राप दिया की है मनुष्य जो गड्डा खोदे वोही उसमे गिरता है,तुमभी एक दिन नेट में हमारी तरह फस जाओगे और बाहर नही निकल पाओगे। कहि इसलिए तो...,🤔🤔🤔
हमे पूरे दिन मोबाइल पकड़े रहने से बहेतर है आप टाइम फिक्स करलो की यही समय हमें मोबाइल को छूना है।हा अगर इमरजेंसी है तो बात अलग है।हम जानते है की मोबाइल के कारण हमारे शरीर को कितना नुकसान होता है।
#online

Best one
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