Wednesday, 4 October 2017

विश्वास...

जिंदगी हमे जिनि है।जिंदगी कोई खेल नही जो हारो या जीतो फिर खत्म हो जाये।जिंदगी तो जिंदगी है जो हर रोज नए टास्क के साथ आती है।हमे ये टास्क खत्म करके सुबह से रात का समय नही निकलना है।हमे उस समय को जीना है।हरेक टास्क को जितना है।
अगर रास्ते मे कंकड़ ही कंकड़ हो तो पैरमे जुटा पहनकर चला जा सकता है लेकिन एक अच्छे जूते के अंदर एक छोटा सा कंकड़ आ जाये तो चलना मुश्किल हो जाता है।
उसी तरह जिंदगी के बहार से दिए गए जख्मो को हम अपने लोगो के साथ मिलकर सुल्जा सकते है।लेकिन अपनो से दिए गए जख्मो को सुल्जा नही सकते।
विश्वास रखे और याद रखे की हम भी किसीके अपने है ,किसीको दुख ना दे और दुखी ना करे।
अगर दांतो से जीभ दब जाए तो हम दांतो को निकाल कर नही फेक देते।वेशे ही अपनो को साथ लेकर चले....👣👣

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