Thursday, 14 September 2017

क्या है...?


एक बच्चा!पहली कक्षा में पढ़ता हैं!उसने गणित में 100 में से 95 गुण प्राप्त किए!उसके मम्मी पापा खुश हो गए!उन्हों ने पूरी सोसायटीमें उस बात को सबके सामने रखा!कुछ साल बाद यही बच्चा उसका नाम सोनू था!सोनू पांचवी कक्षामें आया!इस वख्त उस के मम्मी पापा ने किसीको नही बताया! क्योकि सोनू को पांचवी कक्षामें 80 प्रतिशत मार्क्स गणित मिले थे!
कुछ साल और गए!
सोनू दसवी कक्षामें आया!वो गणित में ही फेल हुआ!
अब मेरा सवाल!

अगर यही गणित था जो पहली कक्षामें 95 लाया था!कोई  कहेगा!कक्षा एक का गणित तो सरल होता हैं!अरे ...गणित कक्षा एक का था!कक्षा एक के बच्चो के लिए नही वो हमारे लिए सरल था!जहा तक मेरी जानकारी हैं हर क्लास का गणित सभी बच्चो को मुश्किल ही पड़ना चाहिए!इसे और तरीके से समज ते हैं!अगर पहेली कक्षाका गणित पहेली कक्षा के बच्चो को आ जाता हैं तो उनका ब्रेन स्ट्रोमिग कैसे होगा!
आप इस बात से भी सहमत होंगे की जो बच्चा पहली कक्षाका गणित पहली कक्षामें नहीं कर पाता हैं वो चोथी कक्षामें आने के बाद वोही गणित कर लेता हैं!इजीली गणित कर लेता हैं!
अरे बच्चे के दिमागको exam में लाये गए मार्क्स से मत आंको।बच्चे को तो पढ़ना बहुत ही अच्छा लगता है और नया जानना भी।लेकिन माता पिता को बच्चे को कितना आता है उससे नही exam में कितने मार्क्स लाये  उनसे लगाव है।
मेरे द्वारा कहे गए ये उदाहरन के आधार पर आप आप के सुजाव मुझे भेजें!अगर कोई ऐसा सुजाव हैं तो हम इसे यहाँ प्रकाशित करेंगे!
#गणित
#सुजाव

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