Wednesday, 12 April 2017

श्री विसनगरा नागर परिवार

कल के दिन श्री विसनगर नागर समाज द्वारा एक विशेष आयोजन हुआ था।हाटकेश भगवान् की जन्म जयंती के उपलक्ष्यमें समाज के सदस्योका स्नेह मिलन,विचार चिंतन और विशेष व्यक्तियो के सन्मान हुआ!

मेरे लिए गौरव पूर्ण बात यही थी की आज मेरा सन्मान हुआ!मेरे परिवार और विशेष मेरे जीवन साथिके सहयोग और सहकार से में इस सन्मान को पा सकी।

मेरे परिवार ने मुझपे कभी कुछ नही थोपा हैं।मुझे सदैव सहयोग मिलता रहा हैं।मेने शिक्षामे जो नवाचार किए उसे सन्मान मिला।मुझे राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण मिला था।मेने मेरी स्कूलमें बच्चो के मेंटली डेवलोपमेन्ट के लिए किए हुए नवाचार के लिए मुझे समाज द्वारा सन्मान किया गया!

श्रीमती पायलबेन पंड्या,श्रीमती नीताबेन पंड्या, और पायल बेन ....के संयुक्त स्वरूपसे मुझे फूलहार,मोमेंटो और आशीर्वाद से सन्मानित किया गया।

ये मेरा सन्मान नही बल्कि ये मेरे माता पिता और मेरे परिवार का सन्मान हे।में मेरे पति की आभारी हूं क्योंकि मेरे माता पिता के आशीर्वाद के साथ अगर जो उनका सहकार मेरे जीवन में न होता तो में आगे नही बढ़ पाती।मेरे परिवार काभी मुझे सहकार नही होता तो मुझे आगे बढ़ने में इतनी सरलता नही रहती।

मेरे एक दोस्त और मेरे छोटे भाई ने मुझे सिखाया की इस सन्मान मिलनेसे आपको रुकना नही है बल्की इससे भी आगे बढ़ने की चुनोती आपके सामने खुल गई है।आपको आगे बढ़ने के लिए अब खूब महेनत करनी होगी।

मेरे लिए ये गर्व की बात हैकि मेरे सन्मान होने के बाद नागर परिवार के मुख्यसदस्यो के द्वारा ये तय किया गया कि अबसे हमारे परिवार में कोई भी अगर राज्य कक्षा या राष्ट्रिय कक्षा का सन्मान प्राप्त करेगा उसे समाजकी औरसे सन्मानित करते हुए 1000/- रुपऐ की नकद राशी भेट की जायेगी।

आगेभी मेरी महेनत और आप सबके आशीर्वादसे में आगे बढ़ती रहनेका प्रयत्न करूंगी।
आप के प्यार और सहकार से आज जो भी कुछ पाया हैं उसे में संभालनेका वचन देती हूँ।

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