आज मेरे लिए एक नया अहेसास था!आज मेने BISAG स्टूडियो में रेकोर्डिंग किया!मातृभाषा संवर्धन के लिए GCERT द्वारा यह प्रकल्प शुरू हुआ था!समग्र गुजरात में इस के लिए जानकारी दी गई थी!जो अध्यापक कहानी कहना चाहते थे,या वो खानी ख सकते थे उंगो स्थानीय जिल्ला शिक्षा और तालीम भवन के आदेश से गांधीनगर भेजा गया था!8 और 9 मार्च 2017 को प्रथम चरण में 50 अध्यापको की कहानियो को सुना गया!उनमे से जिन्हों ने अच्छी कहानी कही उनको पसंद किया जाना था!
मेने कहानी तय की थी मगर मेरी वो कहानी पसंद न हो पाई!मेरी कहानी कहेने का तरीका और शैली की बझ से मुझे पसंद किया गया!मुज पर विश्वास रखने वाले डॉ.कोमल व्यास और उनकी साथी सोनल चौहान के साथ मेने नै कहानी के बारे में चर्चा की!अब मुझे नई खानी के साथ रिकोर्डिंग करनी थी!मेरे लिए ये नया अनुभव था!इस के बारे में में आप को फिर कभी बात करुँगी!
मेने कहानी तय की थी मगर मेरी वो कहानी पसंद न हो पाई!मेरी कहानी कहेने का तरीका और शैली की बझ से मुझे पसंद किया गया!मुज पर विश्वास रखने वाले डॉ.कोमल व्यास और उनकी साथी सोनल चौहान के साथ मेने नै कहानी के बारे में चर्चा की!अब मुझे नई खानी के साथ रिकोर्डिंग करनी थी!मेरे लिए ये नया अनुभव था!इस के बारे में में आप को फिर कभी बात करुँगी!

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